82 / 100

ऐम्पियर का परिपथीय नियम क्या है | ऐम्पियर के नियम

ऐम्पियर का परिपथीय नियम क्या है

प्रश्न- ऐम्पियर का परिपथीय नियम क्या है? ऐम्पियर के परिपथीय नियम का उपयोग करके एक अनन्त लम्बाई के सीधे धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र का सूत्र स्थापित कीजिए।(2014, 19, 20)

या

ऐम्पियर के परिपथीय नियम का उपयोग करके अनन्त लम्बाई के सीधे धारावाही तार के निकट किसी बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात कीजिए। (2015)

उत्तर-  ऐम्पियर का परिपथीय नियम-चुम्बकीय क्षेत्र प्रेरण B̅ का  किसी बन्द वक्र के लिए रेखीय समाकलन ∮⃗B.dt̅, वक्र द्वारा घेरे गए क्षेत्रफल से होकर प्रवाहित कुल धारा i का μ₀ गुना होता है अर्थात् चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता के लिए व्यंजक—माना एक लम्बे i धारा प्रवाहित हो रही है। तार से r दूरी पर एक प्रेक्षण बिन्दु P है जिस पर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता B̅ ज्ञात करनी है। तार के परित: p से होकर जाने वाला r त्रिज्या का एक वृत्त खींचते हैं। सममिति से पथ के प्रत्येक बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण समान है तथा B̅ वdl̅ तो एक ही दिशा में हैं  (θ= 0).

ऐम्पियर के नियम से, ∮⃗B. dl̅ = μ₀i

जहाँ i वृत्त द्वारा घिरी धारा है। चूंकि B̅,dl̅ एक ही दिशा में हैं।  ∮⃗B.dl̅ = ∮Bdlcos 0 = B ∮dl= B (2πr) 

 B(2πr) = μ₀i

अथवा     B=μ₀i/2πr

यही अनन्त लम्बे धारावाही तार के कारण चुम्बकीय क्षेत्र का व्यंजक है।

 चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता–यदि तार की लम्बाई निश्चित है तो चित्र के अनुसार बिन्दु P से तार पर खींची गई रेखा PQ से तार के सिरे A तथा B क्रमश: 1 तथा B कोण बनाते हैं। तब बिन्दु P पर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता 

 B=μ₀i/4πr  (sinα + sinβ) होगी। 

ऐम्पियर का परिपथीय नियम क्या है, ऐम्पियर का परिपथीय नियम क्या है , ऐम्पियर का परिपथीय नियम क्या है

Leave a Comment