किसी गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन का सूत्र | किसी गोलीय पृष्ठ पर प्रकाश के अपवर्तन का सूत्र लिखिए।

81 / 100

किसी गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन का सूत्र

प्रश्न – किसी गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन का सूत्र, प्रयुक्त चिहों का अर्थ बताते हुए लिखिए तथा इसकी सहायता से पतले लेन्स के लिए सम्बन्ध 1/f =(n-1){1/R₁-1/R₂} सिद्ध कीजिए। (2015
या
किसी लेन्स की फोकस दूरी के लिये उसके दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं तथा उसके पदार्थ के अपवर्तनांक के पदों में एक व्यंजक का निगमन कीजिए। यदि काँच के लेन्स को ऐसे द्रव में डुबा दिया जाये जिसका अपवर्तनांक काँच के अपवर्तनांक से अधिक हो, तो इसकी फोकस दूरी में क्या परिवर्तन हो जाएगा? (2010)
या
किसी गोलीय पृष्ठ पर प्रकाश के अपवर्तन का सूत्र लिखिए। इसकी सहायता से किसी पतले लेन्स की फोकस दूरी के लिए सूत्र 1/f =(n-1){1/R₁-1/R₂} स्थापित कीजिए।(2012, 14, 16, 17, 20)
या
यदि एक लेन्स के दोनों ओर माध्यम एक ही हो, तो पतले लेन्स की फोकस दूरी के लिए अपवर्तनांक और वक्रता त्रिज्याओं के पदों में सूत्र व्युत्पन्न कीजिए। (2018) –
या
यदि एक काँच लेन्स, काँच की अपेक्षा अधिक अपवर्तनांक के एक द्रव में डुबोया जाये तो इसकी फोकस दूरी एवं प्रकृति कैसे परिवर्तित होगी? (2016)
या
किसी पारदर्शी गोलीय पृष्ठ पर प्रकाश के अपवर्तन के सूत्र की सहायता से किसी पतले लेन्स की फोकस दूरी के लिए सूत्र का अपवर्तनांक एवं वक्रता त्रिज्याओं के पदों में निगमन कीजिए (2019)

किसी गोलीय पृष्ठ पर प्रकाश के अपवर्तन का सूत्र लिखिए। इसकी सहायता से किसी पतले लेन्स की फोकस दूरी के लिए सूत्र 1/f =(n-1){1/R₁-1/R₂} स्थापित कीजिए।

गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन का सूत्र

(n/v-1/u) = (n-1)/R …………….(1)

जहाँ n पृष्ठ के पदार्थ का वायु के सापेक्ष अपवर्तनांक है, u वस्तु की ध्रुव से से दूरी है, v प्रतिबिम्ब की ध्रुव से दूरी है तथा R पृष्ठ की वक्रता-त्रिज्या है।

पतले लेन्स के लिए अपवर्तन का सूत्र
माना में एक पतला लेन्स L वायु में रखा है। लेन्स के पदार्थ का वायु के सापेक्ष अपवर्तनांक n है तथा इसके पहले व दूसरे पृष्ठों की वक्रता-त्रिज्याएँ क्रमशः R₁ व R₂ हैं। माना लेन्स की मोटाई t है। एक बिन्दु-वस्तु 0 लेन्स की मुख्य अक्ष पर लेन्स के प्रथम पृष्ठ के ध्रुव P₁ से दूरी पर रखी है। यह पृष्ठ 0 का प्रतिबिम्ब l’ बनाता है।

 किसी गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन का सूत्र
किसी गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन का सूत्र

यदि l’ की पृष्ठ के ध्रुव P₁ से दूरी v’ है तो समी० (1) से

(n/v’-1/u) = (n-1)/R₁ …………….(2)

प्रतिबिम्ब l’ दूसरे पृष्ठ के लिए आभासी वस्तु का कार्य करता है।l’की दूसरे पृष्ठ के ध्रुव P₂ से दूरी (v’ -t) होगी। यह पृष्ठ l’ का अन्तिम प्रतिबिम्ब अपने से v दूरी पर बनाता है।

इस पृष्ठ के लिए अपवर्तन के सूत्र से,

(1/n)/v-1/(v’-t)={(1/n)-1}/R₂ ………………(3)

यहाँ n के स्थान पर 1/n लिया गया है, क्योंकि अब प्रकाश लेन्स से वायु में जा रहा है

ₐng =1/gnₐ

पतले लेन्स के लिए t का मान v के सापेक्ष उपेक्षणीय है, अतः समी० (3) को सरल करने पर

1/v-n/v’=(1-n)/R₂ = (n-1)/R₂ ……………(4)

समी० (2) व समी० (4) को जोड़ने पर,

          1/v-1/u = (n-1)/R₁ +(1-n)/R₂ 

अथवा 1/v-1/u = (n-1)(1/R₁ -1/R₂ ) …………….(5)

मुख्य फोकस की परिभाषा के अनुसार, जब वस्तु अनन्त पर होगी तो प्रतिबिम्ब द्वितीय फोकस अर्थात् मुख्य फोकस पर होगा, अर्थात् यदि u = ∞

तो v=f

अत: समी० (5) से,

   1/f-1/∞ = (n-1)(1/R₁ -1/R₂ )
    1/f = (n-1)(1/R₁ -1/R₂ )       ...................(6)

समी० (5) व (6) की तुलना से

   1/v -1/u = 1/f

यही पतले लेन्स के अपवर्तन का सूत्र है। यदि काँच के लेन्स को ऐसे द्रव में डुबो दिया जाये जिसका अपवर्तनांक काँच के अपवर्तनांक से अधिक है, तो लेन्स की फोकस दूरी बढ़ जायेगी तथा इसके साथ-साथ फोकस दूरी का चिह्न भी उलट जायेगा अर्थात् लेन्स की प्रकृति उलट जायेगी।

किसी गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन का सूत्र,किसी गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन का सूत्र,किसी गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन का सूत्र,किसी गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन का सूत्र,किसी गोलीय पृष्ठ पर अपवर्तन का सूत्र

Physics Important Questions