बायो-सेवर्ट नियम व सूत्र

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बायो-सेवर्ट नियम व सूत्र

बायो-सेवर्ट नियम व सूत्र

 प्रश्न – धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता से सम्बन्धित बायो-सेवर्ट नियम की व्याख्या कीजिए। बायो-सेवर्ट नियम की समीकरण से निर्वात् की चुम्बकशीलता का मात्रक एवं विमीय समीकरण निकालिए। (2017) 

या

बायो-सेवर्ट नियम को शब्दों तथा सूत्र में लिखिए। 12011)

या

बायो-सेवर्ट नियम का उल्लेख कीजिए। 2013, 17, 18)

 या 

किसी धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र के सम्बन्ध में बायो-सेवर्ट के नियम का उल्लेख कीजिए। 12015)

बायो-सेदर्ट का नियम (Biot-Savart Law)

सन् 1820 में बायो तथा सेवर्ट ने धारावाही चालकों द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र का अध्ययन करने के लिए अनेक प्रयोग किये। इन प्रयोगों के आधार पर उन्होंने बताया कि किसी धारावाही चालक के एक अल्पांश Δl के द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र में किसी बिन्दु P पर क्षेत्र का मान ΔB निम्नलिखित बातों पर निर्भर करता है

(i) चुम्बकीय क्षेत्र ΔB, चालक में प्रवाहित धारा i के अनुक्रमानुपाती होता है। अर्थात्      ΔB ∝i

(ii) चुम्बकीय क्षेत्र, चालक के अल्पांश की लम्बाई Δl के अनुक्रमानुपाती होता है।

अर्थात् ΔΒ∝ Δl

(iii) चुम्बकीय क्षेत्र, अल्पांश की लम्बाई तथा अल्पांश को उस बिन्दु P से मिलाने वाली रेखा के बीच बनने वाले कोण की ज्या (sine) के अनुक्रमानुपाती होता है।

अर्थात् ΔB∝ sinθ

iv) चुम्बकीय क्षेत्र बिन्दु P की अल्पांश से दूरी r के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

अर्थात् ΔB∝1/r²

उपर्युक्त चारों तथ्यों को एक साथ लिखने पर

ΔB∝iΔl sinθ/r²

इस सम्बन्ध को ही बायो-सेवर्ट का नियम कहते हैं। यदि चालक निर्वात् (अथवा वायु) में स्थित हो, तब यह सम्बन्ध निम्नलिखित सूत्र के रूप में लिखा जाता है

ΔB=μ₀iΔl sinθ/4πr²

 बायो-सेवर्ट नियम व सूत्र

 जहाँ     μ₀/4π  अनुक्रमानुपाती नियतांक है। μ₀ निर्वात् की चुम्बकशीलता (permeability) कहलाती है। यदि i ऐम्पियर में तथा Δl व r मीटर में हों तो इसका मान 4π×10⁻⁷  न्यूटन/ऐम्पियर² होता है।μ₀ विमा [MLT⁻² A⁻²] होती है। धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा दायें हाथ की हथेली के नियम नं० 1 अथवा मैक्सवेल के दक्षिणावर्त पेंच के धारावाही नियम द्वारा ज्ञात की जाती है। 

 [चित्र में चिह्न × चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा कागज के तल के लम्बवत् नीचे की ओर तथा चिह्न • चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा कागज के तल के लम्बवत् ऊपर की ओर व्यक्त करता है।

यदि चालक में प्रवाहित धारा i ऐम्पियर में, अल्पांश की लम्बाई dl तथा अल्पांश से प्रेक्षण बिन्दु की दूरी r मीटर में हो, तब μ₀ का मान । μ₀=4π×10⁻⁷न्यूटन/ऐम्पियर²

अथवा      (वेबर/ऐम्पियर -मीटर)

अतः     μ₀/4π=10⁻⁷    न्यूटन/मीटर होता है। 4

μ₀ का मात्रक न्यूटन/ऐम्पियर²

 μ₀की विमा [μ₀] = [MLT⁻²]/[A²] =[MLT⁻²A⁻²]

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