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बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र व द्विध्रुव स्थितिज ऊर्जा

प्रश्न 4. बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में स्थित चुम्बकीय द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक प्राप्त कीजिए। (2017, 19, 20)

उत्तर- चुम्बकीय द्विध्रुव की ध्रुव सामर्थ्य तथा चुम्बक की प्रभावी लम्बाई गुणनफल को चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण कहते हैं। इसे ‘M’ से प्रकट करते के है। 

बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र व द्विध्रुव स्थितिज ऊर्जा

जब किसी चुम्बकीय द्विध्रुव को एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में रखते हैं तो इस पर एक बल युग्म का आघूर्ण कार्य करता है जो कि चुम्बकीय द्विध्रुव को बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में संरेखित करने का प्रयत्न करता है।

अत: चुम्बकीय द्विध्रुव को चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा से घुमाने में कार्य करना पड़ता है। यह कार्य ही चुम्बकीय द्विध्रुव में स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है।

माना एक चुम्बकीय द्विध्रुव जिसका चुम्बकीय द्विध्रुव-आघूर्ण M है। एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र B में क्षेत्र की दिशा से θकोण बनाते हुए स्थित है। अत: चुम्बकीय द्विध्रुव पर कार्यरत बल-युग्म का आघूर्ण,

 τ= MB sin e

चुम्बकीय द्विध्रुव को इस स्थिति से अत्यन्त सूक्ष्म कोण dθ घुमाने में किया गया कार्य,

 dW = τdθ = MB sinθdθ

 चुम्बकीय द्विध्रुव को चुम्बकीय क्षेत्र में अभिविन्यास θ₁से अभिविन्यास θ₂ तक घुमाने में किया गया कार्य,

W = ∫θ₂θ₁MB sinθ dθ = MB[- cos θ]θ₂θ₁

    = – MB (cosθ₂ – cosθ₁)

 अथवा  W = MB (cosθ₁ – cosθ₂) जूल यह कार्य ही चुम्बकीय द्विध्रुव में स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है। अत: वैद्युत द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा,

 U = MB (cosθ₁ – cosθ₂) 

सुविधा के लिए हम किसी भी स्वेच्छ अभिविन्यास के लिए स्थितिज ऊर्जा का मान शून्य मान सकते हैं। यहाँ हम θ₁ = 90° के लिए शून्य स्थितिज ऊर्जा (U = 0) मानते हैं,तब द्विध्रुव की चुम्बकीय अक्ष के बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र θ₂ = θ अभिविन्यास पर द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा, 

Uθ = MB (cos 90° – cosθ) 

Uθ = – MB cosθ जूल

 अथवा U₀ = – M̅• B̅ जूल 

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