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हाइड्रोजन परमाणु के लिए ऊर्जा स्तर आरेख खींचिए

प्रश्न 2-हाइड्रोजन परमाणु के लिए ऊर्जा-स्तर आरेख खींचिए तथा स्पेक्ट्रमी रेखाओं की लाइमन, बॉमर तथा पाश्चन श्रेणियों की उत्पत्ति समझाइए। इन श्रेणियों में से कौन-सी स्पेक्ट्रम के दृश्य भाग में के मिलती है? (2015, 17, 18)
या
हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की विभिन्न श्रेणियों के लिए तरंगदैर्घ्य का सूत्र लिखिए। हाइड्रोजन परमाणु की लाइमन श्रेणी की प्रथम रेखा की तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए। इस श्रेणी की सीमा तरंगदैर्घ्य भी ज्ञात कीजिए| R=1.097×10⁷ मी⁻¹ (2012, 18)
या
हाइड्रोजन परमाणु की nवीं कक्षा में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा Eₙ= -13.6/n² इलेक्ट्रॉन वोल्ट (eV) सूत्र से दी जाती है। इसके आधार पर
(i) n=1,2,3,4,5,6 तथा ० के लिए विभिन्न ऊर्जा स्तरों की खींचिए।
(ii) विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक संक्रमणों द्वारा हाइड्रोजन परमाणु के उत्सर्जन स्पेक्ट्रम की लाइमन तथा बॉमर श्रेणियों को प्रदर्शित कीजिए।(2015, 17)
या
हाइड्रोजन उत्सर्जन स्पेक्ट्रम में लाइमन श्रेणी का बनना, ऊर्जा स्तर आरेख के आधार पर समझाइए। लाइमन श्रेणी की प्रथम रेखा की तरंगदैर्घ्य की गणना कीजिए। (2015)
या
हाइड्रोजन परमाणु में ऊर्जा स्तरों की Eₙ= -13.6/n² ev से व्यक्त किया जाता है। ऊर्जा-स्तर आरेख खींचकर Hα तथा Gγ संक्रमणों को दर्शाइए तथा उनकी तरंगदैर्घ्य भी ज्ञात कीजिए। (2018)
या
हाइड्रोजन परमाणु के वर्णक्रम में प्राप्त उस श्रेणी का नाम लिखिए जो अवरक्त क्षेत्र में प्राप्त होती है। इस श्रेणी की लाइनों के तरंगदैर्घ्य के लिए सामान्य सूत्र लिखिए। । (2018)
या
हाइड्रोजन परमाणु के स्पेक्ट्रम में बामर श्रेणी की रेखाओं के तरंगदैर्घ्य के लिए सूत्र लिखिए। इस श्रेणी के लिए अधिकतम तरंगदैर्घ्य की गणना कीजिए। (2018)
या

बोर मॉडल के आधार पर हाइड्रोजन परमाणु का ऊर्जा स्तर आरेख खींचिए और स्पेक्ट्रमी रेखाओं के लाइमन, बामर एवं पाश्चन श्रेणियों की उत्पत्ति समझाइए। बामर श्रेणी की प्रथम रेखा का तरंगदैर्घ्य भी परिकलित कीजिए। (2018, 20)

हाइड्रोजन परमाणु के लिए ऊर्जा स्तर आरेख खींचिए
हाइड्रोजन परमाणु के लिए ऊर्जा स्तर आरेख खींचिए

उत्तर– बोर ने अपने परमाणु मॉडल द्वारा हाइड्रोजन के विभिन्न ऊर्जा-स्तरों की ऊर्जाओं के लिए निम्नलिखित सूत्र प्राप्त किया –

Eₙ=(Rhc/n²) =-13.6/n² eV {जहाँn=1,2,3,…….,∞}

इसमें पूर्णांक n क्वाण्टम संख्या है, R रिडबर्ग नियतांक, h प्लांक नियतांक तथा c प्रकाश की चाल है।
माना हाइड्रोजन परमाणु के दो ऊर्जा-स्तर n₁व n₂ हैं जिनकी संगत ऊर्जाएँ क्रमश: E₁ व E₂ हैं। यदि ऊर्जा-स्तर E₂से E₁ पर संक्रमण द्वारा उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति v हो, तो
hv = E₂ – E₁ अथवा v=(E₂-E₁)/h
=Rc(1/n₁² -1/n₂²)
v=c/λ
1/λ =R(1/n₁² -1/n₂²)

उपर्युक्त समीकरण द्वारा हाइड्रोजन के स्पेक्ट्रम में प्राप्त होने वाली सभी श्रेणियों की व्याख्या की जा सकती है।

1-लाइमन श्रेणी (Lyman Series) – इन रेखाओं को सबसे पहले लाइमन ने सन् 1916 में प्राप्त किया। जब किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉन किसी ऊर्जा-स्तर से प्रथम (निम्नतम) ऊर्जा-स्तर में संक्रमण करता है (अर्थात् n1= 1 तथा n₂ = 2,3,4,…, ∞) तब उत्सर्जित स्पेक्ट्रम की रेखाएँ पराबैंगनी भाग (ultraviolet part) में प्राप्त होती हैं। इनकी तरंगदैर्घ्य निम्नलिखित सूत्र से व्यक्त की जा सकती है

1/λ =R(1/n₁² -1/n₂²) (जहाँ n=2,3,4,…,∞)

इसकी सबसे बड़ी तरंगदैर्घ्य अथवा प्रथम रेखा की तरंगदैर्घ्य n=2 के लिए प्राप्त होती है जिसका मान 1216Ȧ तथा सबसे छोटी तरंगदैर्घ्य
n=∞ के लिए 912 Ȧ (श्रेणी-सीमा) प्राप्त होती है

2- बॉमर श्रेणी (Balmer Series)-इन रेखाओं को सबसे पहले बॉमर ने सन् 1885 में प्राप्त किया। जब परमाणु किसी ऊँचे ऊर्जा-स्तर से दूसरे ऊर्जा-स्तर में संक्रमण करता है (अर्थात् n₁ = 2 तथा n₂ = 3,4,5,…) तो उत्सर्जित स्पेक्ट्रम की रेखाएँ दृश्य भाग (visible part) में मिलती हैं। इनकी तरंगदैर्घ्य को निम्नलिखित सूत्र से व्यक्त किया जा सकता है
1/λ =R(1/2² -1/n₂²) (जहाँ n= ,3,4,5,…,∞)


n= 3 के लिए सबसे बड़ी तरंगदैर्घ्य 6563 Ȧ तथा n=∞ के लिए इस श्रेणी की सबसे छोटी तरंगदैर्घ्य 3646 Ȧ प्राप्त होती है। n=3,4,5,6,… के संगत प्राप्त रेखाओं को क्रमश: Hα ,Hβ , Hγ, Hδ….रेखाएँ भी कहते हैं। बॉमर श्रेणी की प्रथम रेखा के लिए n=3; अत: उपर्युक्त सूत्र में R = 1097 x 10⁷ मी⁻⁷ रखकर सरल करने पर
1/λ =1097 x 10⁷(1/4 -1/9)
=5/36×1097 x 10⁷
λ =36 ×10⁻¹⁰/(5×1097)
= 6563×10⁻¹⁰
=6563 Ȧ

3- पाश्चन श्रेणी (Paschen Series)-जब किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉन किसी उच्च ऊर्जा-स्तर से तीसरे ऊर्जा-स्तर में संक्रमण करता है, (n₁ = 3 तथा n₂ = 4,5,6, …) तो उत्सर्जित रेखाएँ स्पेक्ट्रम के अवरक्त (infrared) भाग में प्राप्त होती हैं। इनकी तरंगदैर्घ्य निम्नलिखित सूत्र से व्यक्त की जाती है अर्थात्
1/λ =R(1/3² -1/n₂²) (जहाँ n= ,4,5,6,…)

4- ब्रैकेट श्रेणी (Bracket Series)-जब किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉन किसी ऊँचे ऊर्जा-स्तर से चौथे ऊर्जा-स्तर में आता है (n₁= 4 तथा n₂ = 5,6,7,….) तो ये रेखाएँ भी स्पेक्ट्रम के अवरक्त भाग में प्राप्त होती हैं। इसकी तरंगदैर्घ्य निम्नलिखित सूत्र से व्यक्त की जाती है
1/λ =R(1/4² -1/n₂²) (जहाँ n= 5,6,7,…)

5- फुण्ड श्रेणी (Pfund Series)-जब किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉन किसी ऊँचे ऊर्जा-स्तर से पाँचवें ऊर्जा-स्तर में आता है (n =5 तथा n₂ = 6,7,8,….) तो ये रेखाएँ भी स्पेक्ट्रम के अवरक्त भाग में प्राप्त होती हैं। इसकी तरंगदैर्घ्य निम्नलिखित सूत्र से व्यक्त की जाती है –
1/λ =R(1/5² -1/n₂²) (जहाँ n= 6,7,8,…)

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