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for any prism prove that n sin( a δₘ 2sin( a/2))

प्रश्न – प्रिज्म के पदार्थ के लिए अपवर्तनांक का सूत्र अल्पतम विचलन कोण तथा प्रिज्म कोण के पदों में निगमित कीजिए। (2010, 11, 19) for any prism prove that n sin( a δₘ 2sin( a/2))
या
n=sin{(A+δₘ/2)/sin(A/2) का निगमन कीजिए। यहाँ n प्रिज्म का अपवर्तनांक, A प्रिज्म का कोण तथा δₘ अल्पतम विचलन है।
या
किसी प्रिज्म के पदार्थ के अपवर्तनांक के लिये, प्रिज्म के कोण तथा न्यूनतम विचलन कोण के पदों में एक व्यंजक निकालिए।।2012)
या
यदि किसी पतले प्रिज्म का प्रिज्म कोण Aबहुत कम हो तो दर्शाइये कि न्यूनतम विचलन कोण δₘ=(n-1)A होगा, जहाँ प्रिज्म के पदार्थ का अपवर्तनांक n है। (2018)

for any prism prove that n sin( a δₘ 2sin( a/2))

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इस वक्र से स्पष्ट है कि आपतन कोण i बढ़ाने पर विचलन कोण δ का मान घटता है तथा आपतन कोण के एक विशेष मान के लिए विचलन कोण का मान अल्पतम हो जाता है। आपतन कोण को और अधिक बढ़ाने पर विचलन कोण भी बढ़ता जाता है। इस प्रकार, एक और केवल एक ही विशेष आपतन कोण के लिए प्रिज्म से उत्पन्न विचलन अल्पतम होता है। अल्पतम विचलन कोण को δₘ से व्यक्त करते हैं।

प्रिज्म के पदार्थ के अपवर्तनांक का सूत्र

चित्र में, ABC प्रिज्म का मुख्य परिच्छेद है। प्रिज्म का अपवर्तन कोण A है। माना एक प्रकाश किरण RS, प्रिज्म के अपवर्तक पृष्ठ AB पर तिरछी आपतित होती है जो अभिलम्ब MSE की ओर झुक जाती है और ST दिशा में अपवर्तित हो जाती है। इस पृष्ठ पर आपतन कोण i₁, व अपवर्तन कोण r₁ है। अपवर्तित किरण ST पृष्ठ AC पर अभिलम्ब NTE से दूर हटती हुई वायु में TU दिशा में निकल जाती है। पृष्ठ AC पर आपतन कोण r₂ तथा निर्गत कोण i₂ है। आपतित किरण RS तथा निर्गत 12 किरण TU को पीछे की ओर बढ़ाने पर ये बिन्दु D पर मिलती हैं।

आपतित किरण तथा निर्गत किरणों के बीच बना कोण δ विचलन कोण कहलाता है।

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ΔDST में δ बहिष्कोण है, अत:

δ = ∠ODU =∠DST + ∠DTS
=(i₁-r₁) +(i₁-r₁)
=(i₁-r₁) +(i₁-r₁) ..…(1)

अल्पतम विचलन δ = 6ₘ की स्थिति में
i₁ = i₂ =i …..…(2)
तथा r₁ = r₂ =r ….…(3)
अतः δ = 2i-2r …..…(4)

अब चतुर्भुज ASET में,
∠ASE + ∠ATE= 180° [∵ प्रत्येक कोण समकोण है] अतः शेष कोण,
∠A + ∠SET = 180°
परन्तु ΔSTE में, ∠SET+∠r₁ + ∠r₂ = 180°
अतः ∠A+ ∠SET = ∠SET + ∠r₁ + ∠r₂
या ∠A= ∠r₁ + ∠r₂ =2r …(5) [समी० (3) से]
या r = A/2 या A=2r
समी० (4) व समी० (5) से,
δₘ = 2i-A
i =sin(A+δₘ/2)
स्नैल के नियम से, प्रिज्म के पदार्थ का अपवर्तनांक n=ang=sini/sinr
n=sin{(A+δₘ/2)/sin(A/2) …(6)

पतले प्रिज्म से उत्पन्न विचलन

जब प्रिज्म पतला हो (अर्थात् A =5° से कम हो), तो अल्पतम विचलन δₘ भी बहुत छोटा होगा।
A अतः sin(A+δₘ/2)=(A+δₘ/2)
तथा sin A/2 =A/2
समीकरण (6) से,
δₘ=(n-1)A

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Some Important Physics Questions

प्रश्न 1- बोर मॉडल के आधार पर हाइड्रोजन परमाणु का ऊर्जा स्तर आरेख खींचिए और स्पेक्ट्रमी रेखाओं के लाइमन, बामर एवं पाश्चन श्रेणियों की उत्पत्ति समझाइए। बामर श्रेणी की प्रथम रेखा का तरंगदैर्घ्य भी परिकलित कीजिए। (2018, 20)

प्रश्न 2- हाइड्रोजन परमाणु में ऊर्जा स्तरों की Eₙ= -13.6/n² ev से व्यक्त किया जाता है। ऊर्जा-स्तर आरेख खींचकर Hα तथा Gγ संक्रमणों को दर्शाइए तथा उनकी तरंगदैर्घ्य भी ज्ञात कीजिए। (2018)

प्रश्न 3- हाइड्रोजन परमाणु की nवीं कक्षा में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा Eₙ= -13.6/n² इलेक्ट्रॉन वोल्ट (eV) सूत्र से दी जाती है। इसके आधार पर
(i) n=1,2,3,4,5,6 तथा ० के लिए विभिन्न ऊर्जा स्तरों की खींचिए।
(ii) विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक संक्रमणों द्वारा हाइड्रोजन परमाणु के उत्सर्जन स्पेक्ट्रम की लाइमन तथा बॉमर श्रेणियों को प्रदर्शित कीजिए।(2015, 17)

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